Sunday, August 11, 2013

मोदी की रैली से मीडिया क्यों थर्राया ?


बीजेपी नेता गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हैदराबाद में ऐतिहासिक जनसभा करके ना सिर्फ अपने राजनीतिक विरोधियों बल्कि दीमागी बुखार से पीड़ित वरिष्ठ पत्रकारों के मुंह पर ताला ठोक दिया। दिल्ली में न्यूज चैनलों के वातानुकूलित स्टूडियो में बैठकर गला फाड़ फाड़ कर ये पत्रकार और कुछ सियासी काफी समय से एक आवाज  में चीखते रहे हैं कि मोदी को गुजरात के बाहर आखिर जानता ही कौन है ? मुझे लगता है कि इसका जवाब अब सभी को मिल गया होगा ! सिर्फ देश ही नहीं दुनिया को पता चल गया कि नरेन्द्र मोदी हिंदुस्तान के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। इतना ही नहीं मेरा मानना है कि इस कामयाब रैली के बाद पार्टी के भीतर जो लोग मोदी की अगुवाई के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, उन्हें भी उनकी सियासी हैसियत का अंदाजा लग गया होगा। मुझे तो बिल्कुल याद नहीं है कि किसी गैरहिंदी भाषी क्षेत्र जहां कभी बीजेपी की सरकार ना रही हो, वहां बीजेपी के किसी नेता ने ऐसी रैली की हो।

कई बार टीवी चैनलों पर जब मोदी को लेकर खबरें देखतीं हूं तो मुझे लगता है कि खबरिया चैनलों के संपादक दो जगह से वेतन ले रहे हैं। एक वेतन अपने काम के लिए चैनल के मालिक से लेते हैं, दूसरा वेतन मोदी की मुखालफत करने के लिए किसी और से लेते हैं। रैली में मोदी ने युवाओं की बात की, जम्मू कश्मीर के हालात की बात की, भ्रष्टाचार की बात की, मंहगाई की बात की, किसानों की बात की, अलग तेलांगाना की बात की, पाकिस्तान और चीन की बात की, सरकार की दोषपूर्ण नीतियों की बात की और सबसे बड़ी बात उन्होंने विकास की बात करते हुए "इंडिया फर्स्ट" की जोरदार वकालत की। लेकिन खबरिया चैनलों को क्या दिखाई दिया ? मंच पर बंगारु लक्ष्मण के रहते भ्रष्टाचार पर कैसे बात हो सकती है ? दूसरा मोदी ने " यस वी कैन और यस वी विल डू " क्यों बोला ! ये तो अमेरिकी राष्ट्रपति बोल चुके हैं। हाहाहाहहाहा...। जब नेशनल मीडिया ऐसी हल्की बातें करती है तब मुझे लगता है कि प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन मारकंडेय काटजू गलत नहीं कहते हैं कि मीडिया में बेपढ़े लिखों की भरमार है, इनकी शैक्षिक योग्यता तय होनी चाहिए।

आइये, पहले बात नारे की कर लें, मोदी का ये नारा मीडिया को क्यों नहीं सुनाई दिया। हमारा मजहब - इंडिया फर्स्ट,  हमारा ग्रंथ - भारतीय संविधान,  हमारी शक्ति- जनशक्ति, हमारी पूजा - सवा सौ करोड जनता की भलाई, हमारी कार्यशैली - सबका साथ सबका विकास, एक ही भक्ति - भारत भक्ति ! भारत माता की जय और वंदे मातरम। ये नारा मीडिया वाले क्यों नहीं सुनें। उन्हें " यस वी कैन और यस वी विल डू " ही क्यों सुनाई दिया ? मीडिया की टुच्ची बात का जवाब मोदी क्यों देंगे, मैं ही दे देती हूं। अगर गैर हिंदीभाषी क्षेत्र के युवाओं में उत्साह भरने के लिए अंग्रेजी के दो शब्द बोल दिए जाएं तो इसमें क्या गुनाह है ? इस पर इतना हंगामा क्यों किया गया ? अब दूसरी बात ये कि बंगारु लक्ष्मण वहां क्यों मौजूद थे। बंगारु पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, पार्टी ने उन्हें अध्यक्ष के पद से हटा दिया और अब वो जांच का सामना कर रहे हैं। पूरा मामला अदालत मे चल रहा है। वो अपनी सजा भुगतेंगे।

चलिए अगर मीडिया बंगारु लक्ष्मण के मंच पर बैठने को इतना तूल दे रही है तो उसे ये भी बताना चाहिए कि सोनिया गांधी के घर में भ्रष्टाचार का आरोपी उनका दामाद कैसे आता- जाता है, सरकार के एक दर्जन से ज्यादा मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं, उनके साथ मंच पर प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी कैसे मौजूद रहते हैं ? करुणानिधि, मायावती और मुलायम सिंह यादव तीनों के ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप हैं। लेकिन केंद्र की सरकार इन भ्रष्ट नेताओं का समर्थन क्यों ले रही है ? मीडिया ये सवाल क्यों नहीं उठा रही है। सच ये है कि मोदी की एतिहासिक जनसभा ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मीडिया के रवैये को देखते हुए अगर मैं ये कहूं कि इन पर सरकार को कुछ दबाव है तो गलत नहीं होगा।


" YES WE CAN , YES WE WILL DO  "

BJP leader Gujarat Chief Minister Narendra Modi today by doing historic rally in Hyderabad, not only by his political opponents but the people suffering from brain fever has hit the lock at the mouth of senior journalists. Senior journalists and some politiical leaders by sitting in an air conditioned newsrooms questioned that outside Gujarat who knows him?  I think that they have now got the answer! Not only our country but the world finds out that Narendra Modi is the most popular leader. Not only this but I belive that people inside the party who were against Modi now have realized there political position. I don't remember at all that a rally took place in a non-hindi area by a BJP leader.

Many times when I see news relating to Modi I always think that the editors of the news channels are taking salary from two places. Modi at the rally spoke about the youth, spoke of the situation in Jammu and Kashmir, spoke of corruption, spoke of inflation, farmers spoke, spoke of separate Telangana, spoke of Pakistan and China, the government's faulty policies He spoke and the biggest thing when it comes to development, "India First" strongly advocated. But what appeared on news channels? It was that being Bangaru Laxman present on stage how could the topic of corruption be talked? Second Modi's "Yes We Can and Yes We Will Do" Why did he spoke this..even the U.S. president have said this. Hahahahhaha ....

Come, let's first talk about the slogan, this slogan of him why didn't media heard it! Our faith - India First, our texts - Indian Constitution, our strength - manpower, our worship - Fourteen hundred million public good, our style - everything all developed with the same devotion - devotion to India! Vande Mataram and Bharat Mata Ki Jai. These slogans, why media didn't heard these?. The "Yes We Can and Yes We Will Do" reasons sound? Why Modi will reply to media petty question, I'm going to give. If in the non-Hindi speaking areas he spoke two words of english just to fill the enthusiasm in youth for devolution then what is a crime in it? Why this was so much commotion? The second is that why was Bangaru Laxman present there. Already a case of corruption is going on him. He was smitten by his position by the members of his party only. The whole case is going to trial. He will undergo his punishment.

Anyway if media is taking this serious then it should also tell that how the son in law of Sonia Gandhi who is sued for corruption comes to home regularly. Goverment's half of of leaders are under the allegation of corruption then how the Prime Minister and Sonia Gandhi are present on stage with them? Karunanidhi, Mayawati and Mulayam Singh Yadav, leaders of their party's are under serious allegations. But why the central government is taking to support these corrupt politicians? Why the media is not picking up this question. The truth is that Modi has raised the concern of the central government's historic rally. After seeing the behavior of media this way, if I say that media is under the pressure of government then it would not be wrong !!




13 comments:

  1. बिल्कुल सही और सटीक लिखा आपने.

    रामराम.

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  2. बहुत बढ़िया प्रस्तुति !

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    1. आभार कविता जी

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  3. ताऊ॰ कॉम पर आपका कमेन्ट कि मैं किसी को नहीं जानती पर पढ़ने में अच्छा लगा .... मुझे आपके ब्लॉग तक खींच लाया .... आप भी अन्य ब्लॉग तक जाएँ तो आप बहुत लोगों को जानने लगेंगी और आपको भी बहुत लोग जान पाएंगे ।

    आपके राजनाइटिक विचार झखझोर गए .... सच अब तो जनता को सोच समझ कर फैसला करना होगा । कभी कभी लगता है कि हिंदुस्तान में खुद को हिन्दू कहना ही सबसे बड़ी गाली है ।

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    1. जी आपका बहुत बहुत आभार।
      आपका सुझाव सही है..

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  4. वाऽहऽऽ… !
    नरेन्द्र मोदी जी को ही समर्पित है यह ब्लॉग तो...

    अच्छी प्रविष्टियां हैं सारी ।

    YESSSS WE CAN  !
    YESSSS WE'LL DO !!


    आदरणीया अरुणिमा जी
    बहुत अच्छा लगा अचानक आपके ब्लॉग तक पहुंच कर ...
    :)
    आभार और बधाई !


    हार्दिक शुभकामनाएं !
    -राजेन्द्र स्वर्णकार


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  5. सामयिक लेखन ... मीडिया को वो दिखता है जो वो देखना चाहते हैं ...
    आपको स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनायें ...

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  6. ARUNIMA जी नमस्कार आगे आपने बहुत अच्छा लिखा है | मिडिया काफी समय से काग्रेस पाटी को बचाने का कार्य करता आ रहा | शायद मिडिया यह जनता है | मोदी के प्रधान मंत्री बनने से जो पैसा सरकार के कालें कारनामो को छिपाने में अभी मिडिया को मिलता है | वह बंद हो जायेगा | क्योकि मोदी के राज में कोई भी गलत कार्य नहीं होगा |
    इससे इनकी यह दुकान बंद हो जाएगी |

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    1. हो सकता है आपकी बात सच हो

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  7. हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच} के शुभारंभ पर आप को आमंत्रित किया जाता है। कृपया पधारें!!! आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आपके नकारत्मक व सकारत्मक विचारों का स्वागत किया जायेगा |

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